13 March 2011

कुदरत नो कमाल
जापानना भुकंपग्रस्त माणसोने सहन करवानी शक्ति पण कुदरत ज आपशे...., पलभरमां मानवीना अस्तित्वने हतु न हतु करनार कुदरत ने जराय विचार नहि आवतो होय के आ लाचार मानवीओने पाडी ने उभा पण मारे ज करवा पडशे?????

9 March 2011

@टेक@
ग्राम्य विस्तार मां एक वडील रहे. कोइने रोकडा रुपिया नु दान न करवानी टेक लीधी. एक वार एक व्यक्तिए भीख मां रोकडो रुपियो माग्यो. वडीले आपवानी ना पाडी अने कह्यु के तमारे जमवु होय तो जमी लो पण हु रोकडो रुपियो नहिं ज आपुं. मागण जम्यो, छतां तेणे रोकडा एक रुपिया नी मागणी चालु राखी. आम ने आम सांज पडी. छेवटे वडीले पोतानी चिता तैयार कराववा नो आदेश आप्यो. वडील चिता उपर सुइ गया अने लोको ने आग लगाडवानु कह्यु. पेलो भिखारी हजि सुधी रुपिया माटे जिद्द करतो हतो. वडील ना कहेवाथी लोकोए चिताने आग लगाडी. भिखारी उभो थयो अने क्षण मां आग होलवी ने अंतरध्यान थयो...

8 March 2011

life

life begining from a dot
*फूल*
नाजुक कळी सुगंधनो दरियो क्षणिक जीवन संदेश बहु भरियो.
ॐ*विदाय*ॐ
आपणने लाड लडावनार,पालनपोषण करनार,बालपणमां खभे बेसाडनार आपणी पासे कोइ अपेक्षा राख्या वगर चाल्या जाय तो??? केवी कमनसीबी?

7 March 2011

@विश्व महिला दिन@
॥नारी तु नारायणी॥ ज्यां नारी नु सन्मान थाय छे त्यां सर्व सुखो नो वास होय छे.
जुनी शाला
आजे जुनी शाला खाली करी कारन के ते नवी बनवानी छे...शाला साथे 11 वरसना संस्मरणो जोडायेला छे....शाला तो नवी बनशे, मेदान मां उगाडेल वृक्षो???