26 April 2011
8 April 2011
वाह अण्णाजी,वाह!
भ्रष्टाचारना अजगरे देश आखाने भरडो लीधो छे त्यारे युवानोने शरमावे तेवा जोम साथे,पोताना आत्मबळने सहारे मेदाने पड्या छे तेवा वडील अण्णाजीने कोटि-कोटि सलाम...भ्रष्ट राजनेताओने आ बिलथी पेटमां चुक आवशे.... वषों पहेलां गांधीजीए पारकी सत्ता सामे आ शस्त्रनो सफळ ऊपयोग कर्यो हतो....खंधा राजकारणीओनी खंधाईनो भोग न बनतां पोतानु लक्ष्य सिध्ध थाय तेवी परमकृपाळु परमात्माने प्रार्थना........"भारत माता की जय "
भ्रष्टाचारना अजगरे देश आखाने भरडो लीधो छे त्यारे युवानोने शरमावे तेवा जोम साथे,पोताना आत्मबळने सहारे मेदाने पड्या छे तेवा वडील अण्णाजीने कोटि-कोटि सलाम...भ्रष्ट राजनेताओने आ बिलथी पेटमां चुक आवशे.... वषों पहेलां गांधीजीए पारकी सत्ता सामे आ शस्त्रनो सफळ ऊपयोग कर्यो हतो....खंधा राजकारणीओनी खंधाईनो भोग न बनतां पोतानु लक्ष्य सिध्ध थाय तेवी परमकृपाळु परमात्माने प्रार्थना........"भारत माता की जय "
6 April 2011
"परीक्षा"
आजथी परीक्षा शरु थइ. बाळपण याद आव्युं...परीक्षाना बे-त्रण दिवस बाकी....पूर्व तैयारी.....बे ईँचनी पेन्सिल (बंने छेडे छोलीने..),घसाइ गयेल रबर, तुटेल कंपासपेटी, डायरीनु पुठ्ठृं.......कया रुममां अने कोनी साथे नंबर आवशे...... साहेब प्रश्नपत्र क्यारे आपशे तेनी इंतेजारी...पेपर हाथमां आव्या पछी थता ह्यदयना धबकारा.....कोई प्रश्न न आवडे ते वेळा थतो मुझारो......जेवुं आवडे तेवुं लखवानी कोशिष....रुममां साहेबना आंटाफेरा दरम्यान थतो गभराट.....जो कोई चोरी करवानी चेष्टा करे तो थती धोलाई......अने अंते...पेपर पुरु थतां थतो संतोष......1,2,3,4,5,6,7....परीक्षा पुरी....केरी अने मीठी आंबली खावा कलाको सुधी करेल रखडपट्टी.....कोयलना टहुकानी करेल असल जेवी नकल.....बपोरवेळाए तळावनी डुबकीओ......अने...अने.....अने......गामनां बे बाळको(भाइ अने बहेन) तळावमां पोयणां तोडवा गयां......सदाने माटे जळदेवीना खोळामां समाई गयां......
आजथी परीक्षा शरु थइ. बाळपण याद आव्युं...परीक्षाना बे-त्रण दिवस बाकी....पूर्व तैयारी.....बे ईँचनी पेन्सिल (बंने छेडे छोलीने..),घसाइ गयेल रबर, तुटेल कंपासपेटी, डायरीनु पुठ्ठृं.......कया रुममां अने कोनी साथे नंबर आवशे...... साहेब प्रश्नपत्र क्यारे आपशे तेनी इंतेजारी...पेपर हाथमां आव्या पछी थता ह्यदयना धबकारा.....कोई प्रश्न न आवडे ते वेळा थतो मुझारो......जेवुं आवडे तेवुं लखवानी कोशिष....रुममां साहेबना आंटाफेरा दरम्यान थतो गभराट.....जो कोई चोरी करवानी चेष्टा करे तो थती धोलाई......अने अंते...पेपर पुरु थतां थतो संतोष......1,2,3,4,5,6,7....परीक्षा पुरी....केरी अने मीठी आंबली खावा कलाको सुधी करेल रखडपट्टी.....कोयलना टहुकानी करेल असल जेवी नकल.....बपोरवेळाए तळावनी डुबकीओ......अने...अने.....अने......गामनां बे बाळको(भाइ अने बहेन) तळावमां पोयणां तोडवा गयां......सदाने माटे जळदेवीना खोळामां समाई गयां......
5 April 2011
॥आजनुं शिक्षण॥
आधुनिक मा-बापने पोताना पाल्यने बहु जल्दी मोटो माणस बनावी देवो छे एटले ज तो तेने खावानु शीखवता पहेलां A..B..C..D.. शीखववानी चिंतामां पडी जाय छे.....त्रण वर्षना फुलडाने LKG-SKG ना केडियमछाप पिंजरमां पुरतां हैयुं जराये नहिं दुभातु होय????? शुं आजना मा-बाप LKG-SKG करीने आगळ आव्या छे??? नवाईनी वात तो ए छे के जे पोताने शिक्षित गणावे छे ते ज मा-बाप आवी क्रुरता करता होय छे.....अंग्रेजी भाषा तरीके एनी जग्याए बराबर छे पण ते आपणी मातृभाषानुं स्थान न ज लई शके....॥जय गुजराती॥
आधुनिक मा-बापने पोताना पाल्यने बहु जल्दी मोटो माणस बनावी देवो छे एटले ज तो तेने खावानु शीखवता पहेलां A..B..C..D.. शीखववानी चिंतामां पडी जाय छे.....त्रण वर्षना फुलडाने LKG-SKG ना केडियमछाप पिंजरमां पुरतां हैयुं जराये नहिं दुभातु होय????? शुं आजना मा-बाप LKG-SKG करीने आगळ आव्या छे??? नवाईनी वात तो ए छे के जे पोताने शिक्षित गणावे छे ते ज मा-बाप आवी क्रुरता करता होय छे.....अंग्रेजी भाषा तरीके एनी जग्याए बराबर छे पण ते आपणी मातृभाषानुं स्थान न ज लई शके....॥जय गुजराती॥
25 March 2011
॥बापा ,कागडो॥
धोरण 5 ना गुजराती पाठ्यपुस्तकमां एक वार्ता छे......एक शेठ हता. पोताना पुत्रने लइने एक दिवस पेढीए गया. त्यां पुत्रए कागडो जोयो अने बोल्यो:"बापा, कागडो".शेठे कह्यु:"हा भाइ,कागडो".आम पुत्रए सो वार पुछ्यु अने शेठ जवाब आपता गया..समय वीत्यो.पुत्रए सघळो वहीवट संभाल्यो....पिताने खावाना साँसा पडवा लाग्या.शेठ एक दिवस पेढीए गया..संजोगोवशात् एक कागडो आव्यो.शेठे कागडा तरफ आँगळी करी अने कह्यु :"भाई, कागडो".पुत्रए जवाब आप्यो:"हा बापा, कागडो".शेठे आम बे-त्रण वार पूछ्यु त्यां तो पुत्रए गुस्से थइने मुनिमने कह्यु: आ डोसाने घेर मुकी आवो, नकामा बकबक करे छे. मुनिम अनुभवी हतो.तेणे पेलो चोपडो काढ्यो जेमां सो वार लख्यु हतु:"बापा कागडो,- हा भाइ, कागडो". चोपडो जोइने पुत्रने भुतकाळ याद आव्यो अने तेणे शेठनी सेवाचाकरी करी.........मा-बापने वृद्धाश्रमां मुकनार तथा मा-बापने वहेँचनार आजना पत्निघेला पुत्रो क्यारे आ पाठ शीखशे??????? कदाच क्यारेय नहिँ ......
धोरण 5 ना गुजराती पाठ्यपुस्तकमां एक वार्ता छे......एक शेठ हता. पोताना पुत्रने लइने एक दिवस पेढीए गया. त्यां पुत्रए कागडो जोयो अने बोल्यो:"बापा, कागडो".शेठे कह्यु:"हा भाइ,कागडो".आम पुत्रए सो वार पुछ्यु अने शेठ जवाब आपता गया..समय वीत्यो.पुत्रए सघळो वहीवट संभाल्यो....पिताने खावाना साँसा पडवा लाग्या.शेठ एक दिवस पेढीए गया..संजोगोवशात् एक कागडो आव्यो.शेठे कागडा तरफ आँगळी करी अने कह्यु :"भाई, कागडो".पुत्रए जवाब आप्यो:"हा बापा, कागडो".शेठे आम बे-त्रण वार पूछ्यु त्यां तो पुत्रए गुस्से थइने मुनिमने कह्यु: आ डोसाने घेर मुकी आवो, नकामा बकबक करे छे. मुनिम अनुभवी हतो.तेणे पेलो चोपडो काढ्यो जेमां सो वार लख्यु हतु:"बापा कागडो,- हा भाइ, कागडो". चोपडो जोइने पुत्रने भुतकाळ याद आव्यो अने तेणे शेठनी सेवाचाकरी करी.........मा-बापने वृद्धाश्रमां मुकनार तथा मा-बापने वहेँचनार आजना पत्निघेला पुत्रो क्यारे आ पाठ शीखशे??????? कदाच क्यारेय नहिँ ......
24 March 2011
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