25 March 2011

॥बापा ,कागडो॥
धोरण 5 ना गुजराती पाठ्यपुस्तकमां एक वार्ता छे......एक शेठ हता. पोताना पुत्रने लइने एक दिवस पेढीए गया. त्यां पुत्रए कागडो जोयो अने बोल्यो:"बापा, कागडो".शेठे कह्यु:"हा भाइ,कागडो".आम पुत्रए सो वार पुछ्यु अने शेठ जवाब आपता गया..समय वीत्यो.पुत्रए सघळो वहीवट संभाल्यो....पिताने खावाना साँसा पडवा लाग्या.शेठ एक दिवस पेढीए गया..संजोगोवशात् एक कागडो आव्यो.शेठे कागडा तरफ आँगळी करी अने कह्यु :"भाई, कागडो".पुत्रए जवाब आप्यो:"हा बापा, कागडो".शेठे आम बे-त्रण वार पूछ्यु त्यां तो पुत्रए गुस्से थइने मुनिमने कह्यु: आ डोसाने घेर मुकी आवो, नकामा बकबक करे छे. मुनिम अनुभवी हतो.तेणे पेलो चोपडो काढ्यो जेमां सो वार लख्यु हतु:"बापा कागडो,- हा भाइ, कागडो". चोपडो जोइने पुत्रने भुतकाळ याद आव्यो अने तेणे शेठनी सेवाचाकरी करी.........मा-बापने वृद्धाश्रमां मुकनार तथा मा-बापने वहेँचनार आजना पत्निघेला पुत्रो क्यारे आ पाठ शीखशे??????? कदाच क्यारेय नहिँ ......

24 March 2011

*आजनो सुविचार*
पोताने थता अन्यायने सहन करतां करतां अन्यायकर्ताने जो क्षमा करवामां आवे तो द्वेष प्रेममां फेरवाइ जाय छे........
॥शिक्षण॥
कोइ शिक्षक अत्यार सुधी पेदा नथी थयो जे विध्यार्थी ने शिखवी शके.....शिक्षक मात्र तेना शीखवामां मार्गदर्शक बनी शके.....खेतरमां पाणी तो एनी मेळे जशे जो धोरियो साफ हशे......

19 March 2011

"तिलक होळी" ग्लोबलवोर्मिग नी समस्या अजगरभरडो लई रही छे त्यारे अबीलगुलालथी "तिलक होळी"उजववानो समय आवी गयो छे.....आपणा देशमां दर वर्षे 200 हेक्टर जंगलनु लाकडु कारण वगर बळी जाय छे.....एक मध्यम कदना शहेरने आखु वर्ष चाले एटलु पाणी एकला गुजरातमां धुळेटी रमवामां वपराय छे.....ऊत्सव ऊजववो......ज...जोईए पण तेनी रीत थोडी बदलवी जोइए एम नथी लागतु?????
@शैशव@
होळीए तेनु महत्व गुमाव्यु के आपणे???होळी तो पहेलाँ पण आम ज सळगती हती.खरेखर तो आपणे पर्वने गौण अने प्रदर्शनने वधु महत्व आपीए छीए एटले अंतर जले छे....
आजे होली
प्रहलादे करेली प्रभुभक्ति ना परिणामे होलिकानु दहन थयु अने प्रहलाद बची गयो....भक्ति आगळ आसुरी शक्तिओ नो पराजय थयो... होलिकाए हिरण्यकश्यपना दुराचारमां साथ आप्यो तेथी तेने पोते ज आगमां सळगवु पड्यु ज्यारे हिरण्यकश्यपने भगवानने स्वयं नरसिँह स्वरुप लइने मारवो पड्यो.........मतलब ,दुराचारीने तो सजा ईश्वर पासेथी मले छे ज्यारे तेने साथ आपनारने प्रभु सजा पण आपतो नथी, तेणे तो आत्मदहन ज करवु पडे.......।।

17 March 2011

@होली@
आजे होली छे, भइ, होली। सौने रंग दो झबोळी आवी गेरैयानी टोळी । लावी रंग भरीने झोळी.....आजे होळी। रमेशने राताथी रंगो, परेशने पीळाथी ललितने लीला रंगे ने कांतिने काळाथी करी मूकोने दोडादोडी......आजे होळी। भाभीने भूरा रंगे ने वीराने वादळीए रंग मळे नहीं तो पछी कंकु के काजळिये आपणी भाभी छे साव भोळी......आजे होळी। मामा मोढु संताडे तो रंगो एना केश मामीनु मोढु पकडीने चो...पडी दो मेश जो जो रमत ना थाय मोळी......आजे होळी। काका पर कचरो खडकीने छेक बनावो बावो काकीने बावी बनावी काका सामे लावो आखी बालदी नाखीए ढोळी.......आजे होळी।